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केसी-135 स्ट्रैटोटैंकर भारत को मिला: वायु सेना को हवा में रिफ्यूलिंग की सुविधा

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केसी-135 स्ट्रैटोटैंकर भारत को मिला

नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो) : भारतीय वायु सेना को अमेरिका से लीज पर लिया गया हवा में ही ईंधन भरने वाला विमान बोइंग केसी-135 स्ट्रैटोटैंकर मिला गया है। यह विमान शुक्रवार सुबह आगरा के वायु सेना स्टेशन पर उतरा है। यह पूरी तरह से वेट लीज पर लिया गया विमान है, जिसका मतलब है कि एयरक्राफ्ट को अमेरिकी फर्म मेट्रिया मैनेजमेंट के पायलट और क्रू उड़ाएंगे, चलाएंगे और रखरखाव करेंगे। यह टैंकर विमान मिलने से आधुनिक युद्ध के दौरान भारतीय वायु सेना को हवा में ही ईंधन भरने में आसानी होगी।

भारत के रिफ्यूलर फ्लीट में अभी छह रूसी इल्यूशिन-78 टैंकर हैं, जिन्हें पहली बार साल 2003 में शामिल किया गया था। पुराने पड़ते इन टैंकरों की मरम्मत और रखरखाव में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन विमानों की दृश्यता भी काफी कम है, जिससे लंबी दूरी के मिशन या बिना लैंड और रिफ्यूल किए ज्यादा उड़ान भरने में दिक्कत थी। वायु सेना साल 2007 से छह मिड-एयर रिफ्यूलर लेने की कोशिश कर रही है लेकिन राजनयिक देरी और आर्थिक दिक्कतों की वजह से उसे कामयाबी नहीं मिली। इसलिए कुछ दिन पहले रक्षा मंत्रालय ने वायु सेना और नौसेना के पायलट्स को एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग ट्रेनिंग देने के लिए अमेरिकी कंपनी मेट्रिया मैनेजमेंट के साथ समझौता किया था।

फ्लाइट रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट (एफआरए) के लिए किये गए अनुबंध के आधार पर वेट लीज पर लिया गया केसी-135 आज आगरा में उतरा। इस एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल भारतीय नौसेना भी करेगी। यह विमान 60 साल से अमेरिकी वायु सेना की ऑपरेशनल क्षमताओं का हिस्सा रहा है। इसमें रिफ्यूलिंग के लिए फ़्लाइंग बूम सिस्टम लगा है और इसमें मल्टीपाइंट रिफ्यूलिंग सिस्टम भी लगाया जा सकता है, जिससे एक साथ दो विमानों को हवा में ईंधन दिया जा सकता है। यह पूरी तरह से वेट लीज पर लिया गया विमान है, जिसका मतलब है कि एयरक्राफ्ट को अमेरिकी फर्म मेट्रिया मैनेजमेंट के पायलट और क्रू उड़ाएंगे, चलाएंगे और रखरखाव करेंगे।

भारत ने अपने मौजूदा सोवियत रूसी चार-इंजन वाले टैंकर इल्यूशिन आईएल-78 टैंकरों के सामने आने वाली बड़ी ऑपरेशनल चुनौतियों को दूर करने के लिए केसी-135 स्ट्रैटोटैंकर को लीज पर लिया है, जिससे आधुनिक युद्ध के दौरान वायु सेना को हवा में ही ईंधन भरने में आसानी होगी।भारतीय रक्षा बलों को ऑपरेशनल तैयारी और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ तनाव बढ़ने के बाद आईएल-78 टैंकरों में लगातार रखरखाव और मरम्मत की दिक्कतें हुईं। अब लीज पर लिए गए विमान की तत्काल ऑपरेशनल तैनाती की जा सकती है।

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