Home Haryana कैथल: निवेश पर अधिक मुनाफे का झांसा देकर 3.63 लाख की साइबर...

कैथल: निवेश पर अधिक मुनाफे का झांसा देकर 3.63 लाख की साइबर ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

0

कैथल, वायरल सच (ब्यूरो): कैथल साइबर क्राइम पुलिस ने निवेश पर अधिक मुनाफा और ऑनलाइन टास्क के नाम पर 3.63 लाख रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान साइबर ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों, लेन-देन और पूरे नेटवर्क की जांच की जाएगी।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, सीवन निवासी संजय सैनी ने साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि 6 जुलाई को उसके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से संदेश आया। संदेश में विभिन्न ब्रांडों के प्रचार से जुड़े ऑनलाइन टास्क पूरे करने पर प्रतिदिन कमाई का लालच दिया गया। शुरुआत में एक प्रोडक्ट का स्क्रीनशॉट भेजने पर उसे 200 रुपये का बोनस दिया गया, जिससे उसका विश्वास जीत लिया गया।

इसके बाद पीड़ित को एक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ दिया गया, जहां ‘रिव्या अग्रवाल’ नाम से एक महिला टास्क और निवेश संबंधी निर्देश देने लगी। पहले उससे 1,000 रुपये निवेश करवाकर 30 प्रतिशत लाभ के साथ 1,300 रुपये वापस किए गए। इसके बाद भरोसा बढ़ने पर अलग-अलग किस्तों में 5,000 रुपये, 21,800 रुपये, 49,800 रुपये, 16,800 रुपये, 80,000 रुपये, 1.65 लाख रुपये और 25,000 रुपये विभिन्न यूपीआई आईडी और बैंक खातों में जमा करवा लिए गए।

आरोपियों ने ‘ओएएसआईएस’ नाम से एक फर्जी डिजिटल वॉलेट तैयार कर उसमें लाभ सहित 4.66 लाख रुपये की राशि दिखाई। बाद में रकम निकालने के नाम पर पीड़ित से 2.50 लाख रुपये और जमा कराने का दबाव बनाया गया। तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि उससे कुल 3 लाख 63 हजार 400 रुपये की साइबर ठगी की गई।

एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के निर्देश पर थाना साइबर क्राइम प्रभारी पीएसआई रवि कुमार के नेतृत्व में एएसआई जसबीर सिंह की टीम ने कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के गांव साखनी निवासी असलम अब्बास और मोद अब्बास को गिरफ्तार किया।

प्रारंभिक जांच में पता चला कि दोनों आरोपी कमीशन के लालच में साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं और साइबर ठगी का नेटवर्क कितनी दूर तक फैला हुआ है। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version