Jio IPO ने बनाया विश्व रिकॉर्ड, 1.35 करोड़ आवेदन और 20.55 गुना अभिदान; 20% से ज्यादा रिटर्न की उम्मीद

वायरल सच (ब्यूरो): देश के शेयर बाजार में Jio IPO ने निवेशकों की भागीदारी का नया रिकॉर्ड बनाया है। जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर निर्गम को एक करोड़ से अधिक आवेदन मिले, जिससे यह दुनिया का पहला ऐसा सार्वजनिक निर्गम बना जिसने यह आंकड़ा पार किया। 23 अक्टूबर को बोली प्रक्रिया समाप्त होने पर इस निर्गम को कुल 20.55 गुना अभिदान मिला। कंपनी ने इस निर्गम के जरिए करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है। निवेशकों की भारी दिलचस्पी और बाजार में सकारात्मक माहौल के बीच सूचीबद्ध होने पर 20 प्रतिशत से अधिक लाभ मिलने की चर्चा भी तेज हुई है। हालांकि, वास्तविक लाभ शेयर की सूचीबद्धता के समय बाजार भाव पर निर्भर करेगा।

एक करोड़ से अधिक आवेदन मिलने का बना रिकॉर्ड

Jio IPO ने आवेदन संख्या के मामले में नया वैश्विक रिकॉर्ड बनाया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस निर्गम को अंतिम दिन तक लगभग 1.35 करोड़ आवेदन मिले। इससे पहले वारी एनर्जीज के निर्गम को करीब 97 लाख आवेदन मिलने का रिकॉर्ड बताया गया था।

जियो के निर्गम में निवेशकों की बड़ी भागीदारी से पता चलता है कि देश की दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है। हालांकि, अधिक आवेदन मिलने का अर्थ यह नहीं है कि हर आवेदक को शेयर आवंटित होंगे। शेयरों का आवंटन संबंधित श्रेणी, उपलब्ध शेयरों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है।

कुल 20.55 गुना मिला अभिदान

Jio IPO को अंतिम आंकड़ों के अनुसार कुल 20.55 गुना अभिदान मिला। इसका अर्थ है कि उपलब्ध शेयरों की तुलना में निवेशकों ने लगभग 20.55 गुना शेयरों के लिए बोलियां लगाईं।

कंपनी ने इस निर्गम के तहत 27 करोड़ नए शेयर जारी किए। प्रति शेयर मूल्य दायरा 1,065 रुपये से 1,119 रुपये निर्धारित किया गया था। ऊपरी मूल्य पर निर्गम का कुल आकार करीब 30,213 करोड़ रुपये बैठता है।

अलग-अलग निवेशक श्रेणियों में भी मांग देखने को मिली। योग्य संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में लगभग 64.07 गुना, गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में 13.95 गुना और खुदरा निवेशकों की श्रेणी में 2.68 गुना अभिदान दर्ज किया गया। कर्मचारियों की श्रेणी में 2.89 गुना और मौजूदा शेयरधारकों के लिए आरक्षित श्रेणी में 7.55 गुना अभिदान मिला।

20 प्रतिशत से अधिक लाभ की चर्चा क्यों?

Jio IPO को लेकर निवेशकों के बीच सूचीबद्धता के दिन संभावित लाभ की चर्चा भी रही। निर्गम की बोली प्रक्रिया के दौरान ग्रे मार्केट प्रीमियम लगभग 240 रुपये के आसपास बताया गया था। 1,119 रुपये के ऊपरी मूल्य दायरे की तुलना में यह करीब 21 प्रतिशत का संभावित अंतर दर्शाता था।

हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक संकेतक है। यह न तो आधिकारिक शेयर बाजार का भाव है और न ही वास्तविक लाभ की गारंटी देता है। सूचीबद्धता के दिन शेयर की कीमत इससे कम या ज्यादा हो सकती है। बाजार की स्थिति, निवेशकों की मांग और कंपनी के मूल्यांकन से वास्तविक कीमत प्रभावित हो सकती है।

जुटाई गई राशि का कहां होगा इस्तेमाल?

जियो प्लेटफॉर्म्स के निर्गम में नए शेयर जारी किए गए हैं। कंपनी के विवरण के अनुसार, इससे प्राप्त शुद्ध राशि का बड़ा हिस्सा अपनी सहायक कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम के ऋण को चुकाने या पहले से लिए गए कर्ज का भुगतान करने में इस्तेमाल किया जाना प्रस्तावित है।

ऋण में कमी आने से कंपनी की वित्तीय स्थिति और भविष्य की निवेश क्षमता पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा घरेलू इंटरनेट सेवाओं, उद्यम सेवाओं, क्लाउड तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी संभावनाओं को कंपनी के भविष्य के विकास के महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जा रहा है। हालांकि, इन क्षेत्रों में वास्तविक प्रगति कंपनी के भविष्य के वित्तीय नतीजों पर निर्भर करेगी। JIO

28 अक्टूबर को सूचीबद्धता प्रस्तावित

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, Jio IPO के शेयरों का आवंटन 26 अक्टूबर 2026 को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। इसके बाद शेयरों की सूचीबद्धता 28 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर प्रस्तावित है। सूचीबद्धता के दिन वास्तविक बाजार भाव से ही पता चलेगा कि निवेशकों को कितना लाभ या नुकसान हुआ।

निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि किसी निर्गम को कई गुना अभिदान मिलने या आवेदन संख्या का रिकॉर्ड बनाने से भविष्य का लाभ तय नहीं हो जाता। निवेश का निर्णय कंपनी के मूल्यांकन, वित्तीय स्थिति, विकास की संभावनाओं और अपनी जोखिम सहने की क्षमता को ध्यान में रखकर लेना चाहिए।

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