इजरायल गाजा हमला 2025: सीजफायर से पहले मिसाइलों की बारिश, 67 की मौत

यरुशलम, वायरल सच (ब्यूरो) : इजरायल गाजा हमला 2025 की घटनाएं एक बार फिर दुनिया की नजरें खींच रही हैं। जहां एक ओर युद्धविराम की कोशिशें चल रही थीं, वहीं 30 जून को इजरायल ने गाजा पर भीषण हवाई और जमीनी हमले कर दिए।
इन हमलों में कम से कम 67 लोगों की जान चली गई, जिनमें महिलाएं, बच्चे और शरणार्थी शामिल हैं।

गाजा पर कहर: स्कूल, शिविर और राहत केंद्र बने निशाना

इजरायली सेना ने गाजा सिटी के पूर्वी उपनगर जैतून में टैंकों के साथ प्रवेश किया और गोलाबारी की।
हमले में जिन स्थानों को निशाना बनाया गया, वे थे:

  • शरणार्थी शिविर, जहां विस्थापित लोग रह रहे थे
  • स्कूल भवन, जिनमें बेघर लोगों ने शरण ली हुई थी
  • मानवीय सहायता वितरण केंद्र, जहां लोग राशन और दवाएं लेने आए थे

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह हमला “एक सुनियोजित तबाही” की तरह महसूस हुआ।

अस्पतालों में मचा कोहराम, लाशों से भर गया परिसर

  • खान यूनिस के नासेर अस्पताल में गोली लगने से मारे गए 12 लोगों के शव लाए गए। ये लोग गाजा ह्यूमैनिटेरियन फंड के राहत कैंप में राशन लेने आए थे।
  • उत्तरी गाजा में स्थित संयुक्त राष्ट्र के खाद्य गोदाम पर हुए हमले में 10 लोग मारे गए।

गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार:

  • जैतून इलाके में 10 मौतें
  • गाजा सिटी के बीचफ्रंट कैफे पर बमबारी में 30 लोग मरे, जिनमें महिलाएं, बच्चे और एक पत्रकार शामिल हैं।

अमेरिकी मध्यस्थता की कोशिशें, वार्ता के संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और हमास दोनों से युद्धविराम पर सहमत होने की अपील की है।
इस क्रम में इजरायली रणनीतिक मामलों के मंत्री रॉन डर्मर को वार्ता के लिए वाशिंगटन बुलाया गया है।
माना जा रहा है कि 1 जुलाई से सीजफायर समझौते पर बैठकों का दौर शुरू हो सकता है।

सीजफायर के संकेत, लेकिन सेना की वापसी नहीं

इजरायली सेना प्रमुख का बयान:

“गाजा में हम अपने मुख्य लक्ष्य हासिल कर चुके हैं, इसलिए अब जमीनी कार्रवाई बंद की जा सकती है।”

लेकिन, इजरायली सेना की वापसी के मुद्दे पर गतिरोध बरकरार है।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा:

“बंधकों की रिहाई के लिए नई उम्मीदें बनी हैं, लेकिन फिलहाल सेना को वापस बुलाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।”

ईरान पर तीखा हमला: “हमास अब अकेला है”

नेतन्याहू ने ईरान पर निशाना साधते हुए कहा:

“ईरान पर हमारी कूटनीतिक जीत ने गाजा में बंदी बनाए गए नागरिकों की रिहाई की संभावना मजबूत की है। हमास को अब समझ आ गया है कि उसका कोई अंतरराष्ट्रीय समर्थन नहीं बचा है।”

हमें फ़ॉलो करें

फेसबुक – https://www.facebook.com/viralsachnewz
यूट्यूब – https://www.youtube.com/@viralsachnewz
इंस्टाग्राम – https://www.instagram.com/viralsachnewz/
ट्विटर – https://x.com/viralsachnewz

अधिक जानकारी के लिए फ़ॉलो करें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles