Gurugram में 1,600 PG संचालकों को नोटिस, 3 दिन में दस्तावेज नहीं दिए तो सीलिंग की तैयारी

Gurugram, वायरल सच (ब्यूरो): साइबर सिटी में नियमों की अनदेखी कर संचालित किए जा रहे PG और गेस्ट हाउस पर नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। निगम की प्रॉपर्टी टैक्स विंग ने करीब 1,600 PG संचालकों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर वैधता से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं देने और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने वाले संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इनमें नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर सीलिंग की कार्रवाई भी की जा सकती है।

नगर निगम की इस पहल से शहर में PG और गेस्ट हाउस संचालित करने वाले कारोबारियों में हलचल बढ़ गई है। कार्रवाई का उद्देश्य यह पता लगाना है कि संबंधित भवनों का इस्तेमाल नियमानुसार किया जा रहा है या नहीं और उनके पास संचालन के लिए जरूरी अनुमतियां उपलब्ध हैं या नहीं।

तीन दिन में दिखाने होंगे वैध दस्तावेज

Gurugram नगर निगम के जोनल टैक्सेशन ऑफिसर पंकज कुमार के अनुसार, PG संचालकों को नोटिस जारी करने शुरू कर दिए गए हैं। नोटिस के माध्यम से संचालकों से उनके PG की वैधता से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं।

संचालकों को निर्धारित समयसीमा में जवाब देना होगा और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। यदि कोई संचालक जवाब नहीं देता या आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराता, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के तहत भवन के स्वीकृत उपयोग, संबंधित विभागों की अनुमतियों और लागू नियमों के पालन की स्थिति की जांच महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, नोटिस जारी होना अपने आप में किसी PG को अवैध घोषित किए जाने के समान नहीं है। अंतिम कार्रवाई संबंधित तथ्यों और लागू नियमों के आधार पर होगी।

गुरुग्राम में 5,000 से अधिक PG और गेस्ट हाउस

Gurugram में 5,000 से अधिक PG और गेस्ट हाउस संचालित होने का अनुमान है। शहर में रोजगार और शिक्षा के अवसरों के कारण बड़ी संख्या में लोग किराये के कमरों और PG में रहते हैं। इसी मांग के चलते कई आवासीय मकानों को PG के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

सेक्टरों और कॉलोनियों में बने कुछ मकानों को जरूरत के अनुसार कई हिस्सों में बांटकर अधिक लोगों को ठहराने की शिकायतें सामने आती रही हैं। कुछ इमारतों में बिना स्वीकृत बिल्डिंग प्लान के निर्माण और निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों को ठहराने की आशंकाएं भी जताई जाती रही हैं।

ऐसे मामलों में भवन का स्वीकृत उपयोग, निर्माण की अनुमति और अन्य लागू नियमों का पालन महत्वपूर्ण हो जाता है। नगर निगम की मौजूदा कार्रवाई के दौरान इन पहलुओं की जांच की जा सकती है।

₹10,000 से अधिक किराया, फिर भी सुरक्षा पर सवाल

साइबर सिटी के कई PG में 10,000 रुपये या इससे अधिक मासिक किराया लिया जाता है। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकास, वेंटिलेशन और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी की शिकायतें सामने आती रही हैं।

कई जगह कमरों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर अधिक लोगों को ठहराने की व्यवस्था किए जाने की बात भी सामने आती है। कुछ भवनों में दो से तीन हिस्से बनाकर क्षमता से अधिक लोगों को रखने और चार से पांच मंजिला इमारतों में स्वीकृत निर्माण योजना से संबंधित अनियमितताओं की शिकायतें हैं।

यदि किसी भवन में आग लगने जैसी आपात स्थिति पैदा होती है, तो पर्याप्त निकास मार्ग और अग्निशमन उपकरणों की कमी लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। बेसमेंट का इस्तेमाल भी भवन के स्वीकृत उपयोग और लागू नियमों के अनुरूप होना जरूरी है।

PG संचालन के लिए किन नियमों का पालन जरूरी

PG शुरू करने या संचालित करने के लिए भवन की श्रेणी और लागू प्रावधानों के अनुसार आवश्यक नियमों का पालन करना जरूरी है। इनमें प्रमुख रूप से निम्न पहलू शामिल हैं:

  • स्वीकृत भवन योजना: भवन का निर्माण और उसका उपयोग स्वीकृत नक्शे तथा लागू भवन निर्माण नियमों के अनुरूप होना चाहिए।
  • भूमि उपयोग की अनुमति: जहां आवश्यक हो, वहां भूमि उपयोग परिवर्तन और संबंधित विभागों की मंजूरी लेनी होती है।
  • अग्नि सुरक्षा: भवन की श्रेणी और लागू नियमों के अनुसार अग्निशमन उपकरण, सुरक्षित निकास और अन्य जरूरी इंतजाम होने चाहिए।
  • सुरक्षित क्षमता: भवन की संरचना और उपलब्ध सुविधाओं के अनुरूप ही लोगों को ठहराने की व्यवस्था होनी चाहिए।
  • अन्य अनुमतियां: संबंधित प्राधिकरणों के नियमों के तहत आवश्यक पंजीकरण और अनुमतियों की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।

अग्नि सुरक्षा को लेकर भी बढ़ी निगरानी

Gurugram में PG और गेस्ट हाउस की वैधता की जांच के बीच दमकल विभाग की ओर से भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कार्रवाई की जा रही है। एफएसओ नरेंद्र यादव के अनुसार, दमकल विभाग ने 1,278 भवन मालिकों को नोटिस जारी किए हैं। विभाग के सर्वे में इन इमारतों में फायर NOC नहीं मिलने की बात सामने आई थी।

इन भवनों में PG, होटल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट, पब, बार और निजी अस्पतालों के अलावा अन्य आवासीय एवं व्यावसायिक इमारतें शामिल हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अन्य उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम और दमकल विभाग की इन कार्रवाइयों का दायरा अलग-अलग हो सकता है। नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स विंग PG की वैधता और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है, जबकि दमकल विभाग अग्नि सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों पर ध्यान दे रहा है।PG

संचालकों को समयसीमा में देना होगा जवाब

करीब 1,600 PG संचालकों को जारी नोटिस के बाद अब संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करना महत्वपूर्ण होगा। जिन संचालकों के पास जरूरी अनुमतियां उपलब्ध हैं, उन्हें निर्धारित समयसीमा में अपना पक्ष और दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। वहीं, जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित भवनों के खिलाफ लागू प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

Gurugram में PG और गेस्ट हाउस की जांच का मुख्य उद्देश्य संचालन की वैधता और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आने वाले दिनों में नोटिस के जवाब और दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

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