Gurugram, वायरल सच (ब्यूरो): Gurugram में पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की तैयारी की जा रही है। प्रदूषण नियंत्रण के उद्देश्य से क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) ने जिले में 13,426 ऐसे वाहनों की पहचान की है, जिनकी निर्धारित आयु सीमा पूरी हो चुकी है। इनमें लगभग 3,000 व्यावसायिक वाहन भी शामिल हैं। वाहन मालिकों को नोटिस जारी करने के बाद नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
आरटीए की योजना के तहत चिह्नित वाहन मालिकों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, तीन हजार से अधिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं। शेष वाहन मालिकों को भी अगले एक सप्ताह के भीतर नोटिस जारी करने की योजना है। इसके बाद संबंधित वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
13,426 वाहनों पर कार्रवाई की तैयारी
Gurugram में पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों को लेकर परिवहन विभाग ने कार्रवाई की प्रक्रिया तेज करने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके वाहनों को सड़कों से हटाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
चिह्नित वाहनों में निजी और व्यावसायिक, दोनों श्रेणियों के वाहन शामिल हैं। लगभग तीन हजार व्यावसायिक वाहनों के इस सूची में होने से परिवहन कारोबार से जुड़े वाहन मालिक भी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
आरटीए की ओर से पहले वाहन मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस मिलने के बाद उन्हें अपने वाहन की आयु, पंजीकरण और लागू नियमों की स्थिति की जांच करनी होगी। नियमानुसार आगे की कार्रवाई संबंधित वाहन की स्थिति और लागू प्रावधानों के आधार पर की जाएगी।
नोटिस के बाद जब्ती की कार्रवाई
पुराने वाहनों पर कार्रवाई के तहत नोटिस जारी करने के बाद संबंधित वाहनों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू करने की योजना है। विभाग का उद्देश्य ऐसे वाहनों को हटाना है, जिनका निर्धारित परिचालन समय पूरा हो चुका है और जिनका NCR में चलना लागू नियमों के अनुरूप नहीं है।
Gurugram अधिकारियों के अनुसार, वाहन मालिकों को समय रहते आवश्यक कदम उठाने चाहिए। नोटिस को नजरअंदाज करने या वाहन के नियमों के अनुरूप न होने की स्थिति में उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि, प्रत्येक वाहन के मामले में लागू नियमों, पंजीकरण की स्थिति और संबंधित आदेशों की जांच जरूरी होगी। वाहन मालिकों को अपने वाहन से जुड़े दस्तावेज तैयार रखने चाहिए और जरूरत पड़ने पर परिवहन विभाग से जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
NCR से बाहर ले जाने के लिए तीन सप्ताह का समय
कार्रवाई की योजना के अनुसार, जब्त किए गए वाहनों के मालिकों को तीन सप्ताह का समय दिया जाएगा। इस अवधि में उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेकर वाहन को NCR से बाहर ले जाना होगा या अधिकृत व्यवस्था के माध्यम से उसे स्क्रैप कराना होगा।
इस प्रक्रिया का असर निजी कारों के साथ-साथ व्यावसायिक वाहनों पर भी पड़ सकता है। जिले में 13,426 वाहन चिह्नित किए जाने के कारण बड़ी संख्या में वाहन मालिकों को अपने वाहनों के भविष्य के संबंध में निर्णय लेना पड़ सकता है।
वाहन को NCR से बाहर ले जाने या स्क्रैप कराने से पहले संबंधित मालिकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे लागू नियमों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं। केवल वाहन को दूसरे स्थान पर ले जाने की योजना बनाना पर्याप्त नहीं होगा; आवश्यक दस्तावेज और अनुमति भी महत्वपूर्ण होंगे।
10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन नियमों के दायरे में
NCR में पुराने वाहनों को लेकर लागू प्रावधानों के तहत सामान्य रूप से 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहन और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहन प्रतिबंधों के दायरे में आते हैं। इन वाहनों के संचालन को लेकर संबंधित आदेश और न्यायिक निर्देश लागू होते हैं।
इसी व्यवस्था के तहत पुराने वाहनों की पहचान कर उन्हें सड़कों से हटाने के लिए समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। गुरुग्राम में आरटीए की मौजूदा योजना को भी इसी दिशा में उठाए जा रहे कदम के रूप में देखा जा रहा है।
वाहन मालिकों के लिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि वाहन की उम्र के अलावा उस पर लागू विशिष्ट नियम, पंजीकरण, वाहन का प्रकार और संबंधित आदेश भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। किसी वाहन के संबंध में अंतिम निर्णय लेने से पहले आधिकारिक निर्देशों की पुष्टि करना उचित रहेगा।
प्रदूषण नियंत्रण पर विभाग का जोर
पुराने वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करना प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों का एक हिस्सा है। Gurugram और NCR में वाहनों की बड़ी संख्या के कारण परिवहन क्षेत्र से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना संबंधित एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है।
आरटीए की कार्रवाई से वाहन मालिकों को अपने पुराने वाहनों की स्थिति की समीक्षा करनी होगी। खासकर व्यावसायिक वाहन संचालकों को अपने बेड़े में शामिल वाहनों की आयु और दस्तावेजों की जांच कर आवश्यक कदम उठाने चाहिए, ताकि परिचालन में व्यवधान और कानूनी परेशानी से बचा जा सके।
सहायक परिवहन आयुक्त हरेंद्र वीर, गुरुग्राम के अनुसार, समयसीमा पूरी कर चुके वाहनों के मालिकों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। तीन हजार से अधिक नोटिस भेजे जा चुके हैं और एक सप्ताह के भीतर सभी चिह्नित वाहन मालिकों को नोटिस जारी करने की योजना है। इसके बाद वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू की जाएगी।
वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे नोटिस मिलने पर उसमें दी गई समयसीमा और निर्देशों को ध्यान से पढ़ें तथा अपने वाहन के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करें। NCR से बाहर ले जाने, NOC प्राप्त करने या अधिकृत स्क्रैपिंग की प्रक्रिया पूरी करने से पहले संबंधित परिवहन प्राधिकरण से नियमों की पुष्टि करना जरूरी है।
