Gurugram, वायरल सच (ब्यूरो): साइबर सिटी Gurugram के सामने अब पानी का बड़ा संकट खड़ा होता दिखाई दे रहा है। शहर में भूजल का इस्तेमाल निर्धारित सीमा से 213 प्रतिशत अधिक बताया गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर नए निर्माण कार्यों पर रोक लगाने की मांग की गई है।
हर साल 43,263 हेक्टेयर मीटर भूजल निकासी
रिपोर्ट के अनुसार गुरुग्राम में हर साल लगभग 43,263 हेक्टेयर मीटर भूजल निकाला जा रहा है। यह निर्धारित सीमा की तुलना में काफी ज्यादा है।
तेजी से बढ़ते शहरीकरण, निर्माण गतिविधियों और पानी की बढ़ती मांग के बीच भूजल पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
निर्माण पर लग सकती है रोक?
याचिका में मांग की गई है कि भूजल की स्थिति को देखते हुए नए निर्माण प्रोजेक्ट्स पर अस्थायी रोक लगाने जैसे कदमों पर विचार किया जाए।
Gurugram में लगातार बढ़ती आबादी, नए सेक्टर, सोसायटियां, कमर्शियल प्रोजेक्ट और औद्योगिक गतिविधियां पानी की मांग बढ़ा रही हैं। ऐसे में भूजल का लगातार दोहन भविष्य में गंभीर समस्या पैदा कर सकता है।
बारिश और जल प्रबंधन भी चुनौती
भूजल संकट के पीछे तेजी से हो रहा शहरीकरण, पर्याप्त बारिश न होना और जल प्रबंधन की कमियां भी प्रमुख कारण बताए गए हैं।
अगर भूजल रिचार्ज और पानी की खपत को नियंत्रित नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में गुरुग्राम में पानी की उपलब्धता बड़ा शहरी संकट बन सकती है।
