गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो): Gurugram में नकली BP दवा टेल्मा-एएम की संदिग्ध खेप मिलने के बाद शुरू हुई जांच में कंपनी निदेशक समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं गुजरात में भी निकर्डिया रिटार्ड-10 की संदिग्ध नकली दवा का मामला सामने आया है। दोनों मामलों में जांच के दौरान असली दवा कंपनियों के नाम, बैच नंबर और पैकेजिंग का इस्तेमाल किए जाने का पैटर्न सामने आया है।
हालांकि, फिलहाल Gurugram और गुजरात के मामलों के बीच कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है। जांच एजेंसियां दोनों मामलों में नकली दवाओं के निर्माण, पैकेजिंग और सप्लाई नेटवर्क की कड़ियों को अलग-अलग खंगाल रही हैं।
Gurugram में जुलाई से शुरू हुई कार्रवाई
Gurugram में जुलाई में सुभाष नगर स्थित एक मेडिकल स्टोर से संदिग्ध टेल्मा-एएम दवा मिलने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने जांच शुरू की। जांच के दौरान 19 जुलाई को सुब्रत द्विवेदी को गिरफ्तार किया गया। इसके अगले दिन मुरादाबाद निवासी जुबैर को भी गिरफ्तार किया गया।
जांच आगे बढ़ने पर मामले की कड़ी दिल्ली तक पहुंची। सितंबर में रुड़की निवासी विपिन कुमार और काशीपुर निवासी प्रदीप कुमार को गिरफ्तार किया गया। जांच में करीब 90 हजार गोलियां तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई।
इसके बाद मामले में कंपनी निदेशक मनीष सिंह राठौर को भी गिरफ्तार किया गया। इस तरह इस मामले में अब तक कंपनी निदेशक समेत पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
निर्माण और सप्लाई नेटवर्क की जांच
FDA की जांच अब नकली दवा तैयार करने से लेकर उसकी बाजार में सप्लाई तक की पूरी कड़ी पर केंद्रित है। अधिकारियों द्वारा यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कच्चा माल कहां से आया, दवाओं की पैकिंग कहां की गई, नकली लेबल और पैकेजिंग सामग्री किसने उपलब्ध कराई और तैयार दवाओं को बाजार तक किस नेटवर्क के जरिए पहुंचाया गया।
जांच का दायरा केवल आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि नकली दवाओं की पूरी सप्लाई चेन की पहचान करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
गुजरात में भी नकली BP दवा का मामला
गुजरात में बाजार में संदिग्ध नकली BP दवा मिलने के बाद संबंधित कंपनी की शिकायत पर एफडीसीए ने जांच शुरू की। इस मामले में अहमदाबाद से तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।
जांच की कड़ी उत्तराखंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश तक पहुंचने की बात सामने आई है। हालांकि, गुजरात के मामले और Gurugram में सामने आए नकली टेल्मा-एएम मामले के बीच फिलहाल कोई सीधा संबंध नहीं मिला है।
पैकेजिंग और लेबल की समानता पर जांच
दोनों मामलों में अलग-अलग दवाओं के नाम सामने आए हैं, लेकिन जांच के दौरान असली दवा कंपनी के नाम और पैकेजिंग का इस्तेमाल किए जाने का पैटर्न सामने आया है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या दोनों मामलों में कच्चे माल, पैकेजिंग सामग्री, नकली लेबल या सप्लाई नेटवर्क के स्तर पर कोई समानता है। फिलहाल किसी साझा नेटवर्क को लेकर कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
Gurugram FDA ने क्या बताया ?
औषधि नियंत्रण अधिकारी-2 Gurugram डॉ. सुरेश कुमार के अनुसार, नकली BP दवा मामले में कंपनी निदेशक समेत पांच आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। अब जांच में पैकेजिंग सामग्री, नकली लेबल और सप्लाई नेटवर्क से जुड़ी कड़ियों को खंगाला जा रहा है।
उन्होंने बताया कि यदि आगे की जांच में दूसरे प्रदेश में सामने आए किसी मामले से कोई जुड़ाव मिलता है तो संबंधित एजेंसी से संपर्क किया जाएगा।
