गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो) : शहर की एक पॉश कॉलोनी में उस समय अफरातफरी मच गई जब एक महिला सुबह की सैर के दौरान पालतू कुत्ते के हमले का शिकार हो गई। घटना सोमवार सुबह डीएलएफ फेज-2 इलाके में हुई, जहां एक महिला जॉगिंग ट्रैक पर वॉक कर रही थी। तभी एक विदेशी नस्ल का पालतू कुत्ता अचानक उस पर झपट पड़ा। कुत्ते की मालकिन उसे काबू में नहीं रख पाई, जिससे महिला घायल हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीड़ित महिला नियमित रूप से सुबह वॉक के लिए आती है। सोमवार को जब वह ट्रैक पर चल रही थी, तो एक अन्य महिला अपने बड़े साइज़ के विदेशी नस्ल के पालतू डॉग को घुमा रही थी। अचानक डॉग ने आक्रामक रवैया अपनाते हुए महिला पर हमला कर दिया। महिला नीचे गिर पड़ी और उसे हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं। कॉलोनी के अन्य लोगों ने दौड़कर महिला को कुत्ते से छुड़ाया और तत्काल पास के अस्पताल में पहुंचाया
यह घटना एक बार फिर उस बहस को हवा दे गई है जिसमें पालतू जानवरों को सार्वजनिक स्थानों पर घुमाने के नियम-कायदे और मालिकों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि कई बार पालतू कुत्तों को मुँह पर मuzzle (मास्क) लगाए बिना और बिना सही बेल्ट या नियंत्रण के बाहर लाया जाता है, जो न केवल आसपास के लोगों के लिए खतरा बन सकता है बल्कि जानवर के लिए भी घातक हो सकता है
कॉलोनी के एक निवासी ने कहा, “यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की घटना हुई हो। कई बार लोग बिना मुँह बांधे आक्रामक नस्ल के कुत्तों को ले आते हैं और वे छोटे बच्चों या बुजुर्गों के लिए खतरा बन सकते हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन को सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए।
घटना के बाद पीड़ित महिला ने स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए कुत्ते की मालकिन को नोटिस जारी किया है। RWA अध्यक्ष ने कहा, “हम कॉलोनी में पेट पॉलिसी को सख्ती से लागू करने जा रहे हैं। कुत्तों को बिना बेल्ट और मुँह ढके घुमाना अब पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।”
भारत में पालतू जानवरों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं। पशु कल्याण बोर्ड और सुप्रीम कोर्ट द्वारा समय-समय पर जारी दिशानिर्देशों के अनुसार:
- सार्वजनिक स्थलों पर आक्रामक नस्ल के कुत्तों को मुँह पर मास्क लगाना अनिवार्य है।
- कुत्ते को हमेशा मजबूत पट्टे (leash) से बांधकर ही बाहर लाया जाए।
- किसी पर हमला करने की स्थिति में मालिक जिम्मेदार माना जाएगा और उस पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
समाधान क्या है?
- जागरूकता बढ़ाना: पेट ओनर्स को उनके दायित्वों के प्रति जागरूक करना।
- प्रशिक्षण (Training): पालतू जानवरों को प्रशिक्षित किया जाना चाहिए ताकि वे अजनबियों पर हमला न करें।
- स्थानीय निगरानी: कॉलोनी स्तर पर RWA की निगरानी व्यवस्था होनी चाहिए।
- कानूनी कार्रवाई: हमले की स्थिति में FIR और हर्जाना देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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