Gurugram, वायरल सच (ब्यूरो): चुनाव आयोग की कार्यशैली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर Gurugram में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन से जुड़े नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका गया और उनके इस्तीफे की मांग की गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में काले झंडे और पोस्टर लेकर नारेबाजी की। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष वर्धन यादव और शहरी जिलाध्यक्ष पंकज डावर ने किया।
सड़कों पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ता
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं के हाथों में पोस्टर और झंडे थे और उन्होंने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।
Gurugram में कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर पहले भी प्रदर्शन किया जा चुका है। सितंबर में भी जिला कांग्रेस की ग्रामीण और शहरी इकाइयों ने कमान सराय स्थित कांग्रेस कार्यालय से सदर बाजार तक मार्च निकाला था। उस दौरान भी मुख्य चुनाव आयुक्त के पुतले का दहन किया गया था।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं और इनकी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। पार्टी ने मांग की कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र जांच कराकर तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए।
वर्धन यादव और पंकज डावर के नेतृत्व में प्रदर्शन
Gurugram में हुए प्रदर्शन की कमान ग्रामीण जिलाध्यक्ष वर्धन यादव और शहरी जिलाध्यक्ष पंकज डावर ने संभाली। दोनों नेताओं की ओर से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों से जुड़े सवाल उठाए गए।
वर्धन यादव ने कहा कि यह मुद्दा केवल किसी एक व्यक्ति या राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि मतदाताओं के अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के विश्वास से जुड़ा है। वहीं पंकज डावर ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों की रक्षा की बात कही।
कांग्रेस ने लगाए चुनावी अनियमितताओं के आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि हालिया चुनावों और मतदाता सूचियों को लेकर अनियमितताओं के सवाल सामने आए हैं। पार्टी का कहना है कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और चुनाव आयोग को उठाए गए सवालों का तथ्यों के साथ जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस की ओर से यह भी कहा गया कि लोकतंत्र में मतदाता का वोट सबसे महत्वपूर्ण है और चुनावी प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच किसी भी तरह का संदेह दूर किया जाना जरूरी है।
अमित शाह के गुरुग्राम दौरे से पहले नजरबंदी का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के गुरुग्राम दौरे का भी मुद्दा उठाया। नेताओं ने आरोप लगाया कि अमित शाह के दौरे से पहले कांग्रेस के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनके घरों में नजरबंद किया गया, ताकि वे विरोध प्रदर्शन में शामिल न हो सकें।
हालांकि, नजरबंदी के इस दावे को कांग्रेस नेताओं के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। उपलब्ध प्रदर्शन संबंधी रिपोर्टों में मुख्य रूप से चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची से जुड़े आरोप दर्ज हैं।
पहले भी गुरुग्राम में हो चुका है प्रदर्शन
यह पहली बार नहीं है जब Gurugram कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया है। सितंबर में भी कांग्रेस ने ‘वोट चोरी’ और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध मार्च निकाला था।
उस प्रदर्शन में हरियाणा कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और पूर्व सांसद राज बब्बर भी शामिल हुए थे। कार्यकर्ताओं ने कमान सराय से सदर बाजार तक मार्च निकाला था और मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका था।
कांग्रेस बोली- सड़क से संसद तक जारी रहेगी लड़ाई
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी मतदाता अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को आगे भी उठाती रहेगी। नेताओं ने कहा कि यदि चुनावी प्रक्रिया या मतदाता सूची को लेकर सवाल हैं तो उनकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि वह सड़क से लेकर संसद तक इन मुद्दों को उठाती रहेगी और चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग जारी रखेगी।
वहीं, इन आरोपों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। BJP नेताओं ने कांग्रेस से चुनावी अनियमितताओं के आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत पेश करने और अपनी पिछली चुनावी हार से जुड़े संगठनात्मक मुद्दों पर भी आत्ममंथन करने को कहा है।
Gurugram में हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर मतदाता सूची, चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर और विरोध कार्यक्रम किए जाने की संभावना है।

