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Gurugram News: गुरुग्राम की हवा ने बढ़ाई चिंता: 3 साल में सबसे खराब सितंबर AQI

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AQI

गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो): गुरुग्राम में प्रदूषण को लेकर चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। सितंबर 2026 में शहर का औसत Air Quality Index (AQI) 114.8 दर्ज किया गया, जो पिछले तीन वर्षों में सितंबर महीने का सबसे खराब स्तर है। आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण के मुताबिक, सितंबर का औसत AQI वर्ष 2024 में 91.1 और 2025 में 84.9 था। इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 114.8 पहुंच गया।

तीन साल में सबसे खराब स्थिति

आंकड़ों के अनुसार, 2026 का सितंबर AQI 2025 के मुकाबले काफी ज्यादा रहा। विशेषज्ञों ने इसके पीछे कम बारिश, सड़क की धूल, कचरा जलाने और लगातार चल रहे निर्माण कार्यों को प्रमुख कारणों में गिना है।

गुरुग्राम में तेजी से बढ़ते निर्माण और ट्रैफिक के बीच सड़क की धूल भी वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर रही है। बारिश कम होने के कारण धूल के कणों को नियंत्रित करने में भी परेशानी बढ़ी है।

Road Dust और Construction बना बड़ा कारण

गुरुग्राम के कई हिस्सों में लगातार सड़क निर्माण, मरम्मत और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट चल रहे हैं। दूसरी तरफ कई जगहों पर सड़क किनारे जमा मिट्टी और निर्माण सामग्री से धूल उड़ने की शिकायतें सामने आती रही हैं।

इसी बीच आज की एक अन्य रिपोर्ट में Industrial Development Colony में सड़क मरम्मत की धीमी रफ्तार के कारण धूल, मलबे और गंदगी से हजारों लोगों को परेशानी होने की बात सामने आई है।

यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब NCR में प्रदूषण का सीजन शुरू होने वाला है।

कचरा जलाने पर भी निगरानी जरूरी

विशेषज्ञों ने waste burning को भी शहर की खराब होती हवा के प्रमुख कारणों में शामिल किया है। खुले में कचरा जलाने से निकलने वाला धुआं स्थानीय स्तर पर Air Quality (AQI) को प्रभावित कर सकता है।

इसी वजह से नगर निगम और संबंधित विभागों के सामने सड़क की धूल, कचरा जलाने और निर्माण गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की चुनौती है।

MCG की कार्रवाई तेज

प्रदूषण और sanitation violations के खिलाफ नगर निगम गुरुग्राम ने भी कार्रवाई बढ़ाई है। आज सामने आए MCG के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से अब तक 13,179 चालान जारी किए गए और ₹2.61 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया है। इनमें प्रतिबंधित प्लास्टिक, C&D waste dumping, littering, waste burning, dust pollution और uncovered construction material जैसे मामले शामिल हैं।

इनमें 8,231 चालान प्रतिबंधित प्लास्टिक के इस्तेमाल पर किए गए, जबकि निर्माण एवं विध्वंस कचरे से जुड़े मामलों में भी बड़ी कार्रवाई हुई है।

अब Winter Pollution Season की चुनौती

सितंबर का खराब AQI प्रशासन के लिए चेतावनी माना जा सकता है। आने वाले महीनों में तापमान में गिरावट और मौसम की परिस्थितियों के कारण प्रदूषक कणों के वातावरण में टिके रहने की संभावना बढ़ सकती है।

ऐसे में गुरुग्राम में road dust control, construction dust management, waste burning पर रोक और खुले में कचरा डालने के खिलाफ कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सितंबर की खराब Air Quality (AQI) के बाद Gurugram में प्रदूषण नियंत्रण की कार्रवाई जमीन पर और तेज होगी?

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