गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो): हरियाणवी यूट्यूबर Dhruv Rathee से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में दिल्ली की साकेत कोर्ट की ओर से जारी समन गुरुग्राम स्थित उनके आवास के मुख्य गेट पर चस्पा किया गया है। यह मामला वर्ष 2018 में Dhruv Rathee की ओर से प्रकाशित ‘BJP IT Cell Part 2’ नाम के वीडियो से जुड़ा है। भाजपा आईटी सेल के सदस्य विकास सांकृत्यायन उर्फ विकास पांडे ने वीडियो में लगाए गए कथित आरोपों को लेकर अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को निर्धारित बताई गई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब 16 अक्टूबर को दिल्ली के सेंट्रल पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से झंडा फहराने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। Dhruv Rathee ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर CJP से संबंधित पोस्ट साझा की है। हालांकि, कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति को लेकर स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। मानहानि मामले में समन जारी होना न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इससे शिकायत में लगाए गए आरोप अपने आप साबित नहीं होते।
गुरुग्राम स्थित आवास पर चस्पा किया गया समन
Dhruv Rathee Summons मामले में शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, Dhruv Rathee को अदालत का समन पहुंचाने के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे। शिकायतकर्ता विकास पांडे की ओर से अदालत को बताया गया कि Dhruv Rathee लंबे समय से आमतौर पर ऑस्ट्रिया में रह रहे हैं और भारत में उनकी स्थायी मौजूदगी नहीं होने के कारण समन की तामील में कठिनाई आ रही थी।
शिकायतकर्ता पक्ष ने अदालत को यह भी बताया कि ध्रुव राठी फिलहाल भारत आए हुए हैं और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद अदालत ने समन की तामील के लिए शिकायतकर्ता को संबंधित अदालती कर्मचारी के साथ जाने की अनुमति दी।
इसी प्रक्रिया के तहत गुरुग्राम की केंद्रीय विहार सोसाइटी स्थित ध्रुव राठी के आवास के मुख्य गेट पर समन चस्पा किया गया। शिकायतकर्ता के वकील सुशांत कुमार के अनुसार, ध्रुव राठी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया था, लेकिन उनके मुताबिक राठी ने सीधे अदालती नोटिस लेने से इनकार कर दिया था। यह शिकायतकर्ता पक्ष का दावा है।
वर्ष 2018 के वीडियो से शुरू हुआ मानहानि विवाद
मामले की शुरुआत वर्ष 2018 में ध्रुव राठी के यूट्यूब चैनल पर प्रकाशित ‘BJP IT Cell Part 2’ वीडियो से हुई थी। शिकायतकर्ता विकास पांडे का आरोप है कि वीडियो में उनके और भाजपा आईटी सेल के संबंध में ऐसे आरोप लगाए गए, जिनसे उनकी व्यक्तिगत, सामाजिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
शिकायत के अनुसार, वीडियो में भाजपा आईटी सेल के माध्यम से महावीर प्रसाद नाम के एक व्यक्ति को रिश्वत देने की कथित कोशिश का उल्लेख किया गया था। इसके साथ ही शिकायतकर्ता का आरोप है कि वीडियो में ध्रुव राठी को बदनाम करने के लिए 50 लाख रुपये देने की पेशकश किए जाने की बात कही गई थी।
विकास पांडे ने इन दावों को निराधार बताते हुए दिल्ली की साकेत कोर्ट में आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि वीडियो में प्रस्तुत आरोपों से उनकी छवि प्रभावित हुई। दूसरी ओर, इन आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति अदालत की कार्यवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।
वर्षों से समन की तामील कराने के प्रयास का दावा
शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, अदालत ने जुलाई 2019 में पहली बार Dhruv Rathee को समन जारी किया था। इसके बाद भी कई वर्षों तक समन की तामील कराने के प्रयास किए गए। शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि राठी के विदेश में रहने के कारण अदालती दस्तावेज उन तक पहुंचाने में परेशानी आई।
अब उनके भारत में मौजूद होने की जानकारी मिलने के बाद शिकायतकर्ता ने अदालत से समन की तामील के लिए अतिरिक्त अनुमति मांगी। अदालत के आदेश के बाद संबंधित कर्मचारी के साथ गुरुग्राम पहुंचकर आवास के मुख्य गेट पर समन चस्पा किया गया।
Dhruv Rathee Summons की इस कार्रवाई का उद्देश्य संबंधित व्यक्ति तक अदालत की प्रक्रिया की सूचना पहुंचाना है। समन चस्पा किए जाने और मामले में अगली सुनवाई निर्धारित होने का अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने मानहानि के आरोपों पर अंतिम फैसला सुना दिया है।
CJP के प्रस्तावित कार्यक्रम के बीच घटनाक्रम
Dhruv Rathee से जुड़ा यह मामला दिल्ली में प्रस्तावित CJP कार्यक्रम से पहले सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर को दिल्ली के सेंट्रल पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से झंडा फहराने का आह्वान किया गया है।
Dhruv Rathee ने सोशल मीडिया पर इस कार्यक्रम से संबंधित पोस्ट साझा की है। हालांकि, पोस्ट साझा करना कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने की पुष्टि नहीं करता। उनकी संभावित उपस्थिति को लेकर फिलहाल स्पष्ट पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
CJP से संबंधित गतिविधियों और मानहानि मामले की कानूनी कार्यवाही को अलग-अलग घटनाक्रम के रूप में देखना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी में दोनों के बीच किसी प्रत्यक्ष कानूनी संबंध की पुष्टि नहीं होती।
Dhruv Rathee ने पुलिस हिरासत को लेकर किया था दावा
Dhruv Rathee ने 11 अक्टूबर को जारी एक वीडियो में दावा किया था कि 10 अक्टूबर की सुबह कुछ लोग उन्हें उठाकर थाने ले गए थे। उनके अनुसार, उन्हें क्राइम ब्रांच के कार्यालय में रखा गया और देर रात छोड़ा गया।
यह विवरण ध्रुव राठी की ओर से किए गए दावे पर आधारित है। इस घटना की परिस्थितियों और संबंधित अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इसे किसी निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
इसी बीच, पुराने मानहानि मामले में समन चस्पा होने की कार्रवाई ने इस प्रकरण को फिर चर्चा में ला दिया है। मामले की अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को निर्धारित बताई गई है, जहां आगे की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी।
विकास पांडे ने अरविंद केजरीवाल का भी किया उल्लेख
शिकायतकर्ता विकास पांडे ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि इसी विवाद से संबंधित Dhruv Rathee के वीडियो को रीट्वीट करने के मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल माफी मांग चुके हैं। विकास पांडे के अनुसार, केजरीवाल ने अपनी गलती स्वीकार की थी।
यह बयान शिकायतकर्ता की ओर से दिया गया दावा है। इससे संबंधित घटनाक्रम की सटीक कानूनी स्थिति समझने के लिए मूल बयान और संबंधित अदालती रिकॉर्ड का संदर्भ आवश्यक है।
17 अक्टूबर की सुनवाई पर रहेगी नजर
गुरुग्राम स्थित आवास पर समन चस्पा किए जाने के बाद अब मामले में अगली सुनवाई की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है। अदालत में शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी दलीलों के आधार पर आगे की कार्यवाही होगी।
Dhruv Rathee Summons प्रकरण वर्ष 2018 के वीडियो से शुरू हुए आपराधिक मानहानि विवाद को दोबारा चर्चा में ले आया है। शिकायतकर्ता पक्ष लंबे समय से समन की तामील कराने का प्रयास किए जाने का दावा कर रहा है। वहीं, समन जारी होने को आरोपों की पुष्टि या दोष सिद्ध होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
मामले में आगे की स्थिति अदालत की कार्यवाही और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों से स्पष्ट होगी।
