नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): राजधानी दिल्ली में SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर राजनीतिक हलचल लगातार बढ़ती जा रही है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर INDIA ब्लॉक के सांसदों और विपक्षी नेताओं ने गुरुवार को लगातार तीसरे दिन विरोध प्रदर्शन की तैयारी की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मेजबानी में विपक्षी सांसदों की बैठक के बाद नेताओं के राजघाट की ओर जाने की योजना बनी। इस बीच दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और राजघाट तथा आसपास के क्षेत्र में BNSS की धारा 163 लागू कर दी।
SIR को लेकर विपक्ष का विरोध जारी
विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कई सवाल सामने आए हैं। INDIA ब्लॉक के नेता चुनाव आयोग से प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
विपक्ष की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और SIR प्रक्रिया को लेकर स्पष्टीकरण शामिल है। इससे पहले भी दिल्ली में विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया था और पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया था।
राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष का प्रदर्शन
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार इस मुद्दे पर विपक्षी प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। बुधवार को भी INDIA ब्लॉक के सांसद जंतर-मंतर की ओर मार्च करने निकले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था।
पुलिस के मुताबिक, बुधवार के प्रदर्शन को लेकर कई मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें पुलिसकर्मियों से कथित मारपीट, सरकारी काम में बाधा और प्रदर्शन से जुड़े अन्य आरोप शामिल हैं। इन आरोपों की जांच की जा रही है।
गुरुवार को फिर जुटे INDIA ब्लॉक के नेता
गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने INDIA ब्लॉक के नेताओं के लिए दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित एक रेस्तरां में बैठक आयोजित की। बैठक में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और विभिन्न विपक्षी दलों के सांसदों के शामिल होने की जानकारी सामने आई।
बैठक के बाद नेताओं के राजघाट की ओर जाने और वहां विरोध दर्ज कराने की योजना थी। इसी को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस, राजघाट और मध्य दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी।
राजघाट पर धारा 163, बढ़ाई गई सुरक्षा
प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजघाट और आसपास के इलाकों में BNSS की धारा 163 लागू की है। इसके तहत निर्धारित अवधि में सार्वजनिक स्थान पर भीड़ जुटाने, धरना और प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया गया है।
पुलिस ने मध्य दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त जवान और बैरिकेड लगाए हैं। सुरक्षा व्यवस्था में दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की भी तैनाती की गई है।
CEC ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा भी बढ़ी
SIR को लेकर जारी विरोध के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें पहले से Z-प्लस सुरक्षा प्राप्त है, लेकिन ताजा सुरक्षा इनपुट और दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर उनके आवास के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
गृह मंत्रालय ने 8 से 12 अक्टूबर के बीच दिल्ली पुलिस की कानून-व्यवस्था संबंधी जरूरतों के लिए 221 कंपनियां यानी करीब 23,000 केंद्रीय बलों के जवान उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।
विपक्ष और चुनाव आयोग के दावों में अंतर
विपक्ष SIR प्रक्रिया को लेकर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और नामों से जुड़े सवाल उठा रहा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग और BJP ने मतदाता सूची में गड़बड़ी से जुड़े आरोपों को खारिज किया है। आयोग की ओर से SIR को मतदाता सूची को अपडेट करने और पात्र तथा अपात्र प्रविष्टियों की पहचान की प्रक्रिया के तौर पर बताया गया है। ऐसे में SIR को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार तेज हो रहा है।
अब आगे क्या?
INDIA ब्लॉक ने संकेत दिया है कि वह अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखेगा। विपक्षी दलों की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की भी योजना सामने आई है। वहीं, दिल्ली पुलिस के लिए लगातार हो रहे प्रदर्शनों के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है।
SIR को लेकर दिल्ली में चल रहा यह विवाद अब सिर्फ मतदाता सूची के पुनरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि चुनाव आयोग की भूमिका, पारदर्शिता और विपक्ष की राजनीतिक रणनीति को लेकर भी राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है।
