गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो): दिल्ली-जयपुर Highway पर नरसिंहपुर के पास जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाया गया है। वर्षा के दौरान Highway और सर्विस लेन पर पानी जमा होने से वाहन चालकों को होने वाली परेशानी दूर करने के लिए 900 मीटर लंबी प्री-कास्ट ड्रेन बनाई जाएगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) को परियोजना के निर्माण की मंजूरी दे दी है।
इस परियोजना पर 9 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। यह राशि NHAI की ओर से GMDA को उपलब्ध कराई जाएगी। निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य मार्च 2027 रखा गया है। नई ड्रेन को नरसिंहपुर के पास हाईवे के नीचे बने कल्वर्ट से जोड़कर वर्षा के पानी को बादशाहपुर ड्रेन तक पहुंचाया जाएगा।
900 मीटर लंबी प्री-कास्ट ड्रेन से मजबूत होगी जलनिकासी व्यवस्था
नरसिंहपुर क्षेत्र में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या लंबे समय से Highway और सर्विस लेन पर यातायात को प्रभावित करती रही है। जलनिकासी बाधित होने पर वाहनों की रफ्तार कम हो जाती है और कई बार लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मानसून के दौरान यहां करीब 10 किलोमीटर तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती रही है।
अब 900 मीटर लंबी प्री-कास्ट ड्रेन के निर्माण से पानी की निकासी के लिए अतिरिक्त व्यवस्था तैयार की जाएगी। इसे सर्विस लेन के नीचे बिछाया जाएगा, ताकि सड़क पर जमा होने वाले वर्षा जल को निर्धारित निकासी मार्ग से आगे भेजा जा सके।
प्री-कास्ट ड्रेन पहले से तैयार किए गए बॉक्सनुमा ढांचों से बनाई जाती है। इन ढांचों को जोड़कर जमीन के नीचे स्थापित किया जाता है। इससे पारंपरिक तरीके से मौके पर पूरी संरचना बनाने की तुलना में निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने में मदद मिल सकती है।
कल्वर्ट से बादशाहपुर ड्रेन तक पहुंचेगा बारिश का पानी
परियोजना के तहत नरसिंहपुर के पास दिल्ली-जयपुर Highway के नीचे बने कल्वर्ट को नई प्री-कास्ट ड्रेन से जोड़ा जाएगा। इसके बाद पानी को आगे बादशाहपुर ड्रेन तक पहुंचाने की व्यवस्था होगी।
इस क्षेत्र में जलनिकासी को बेहतर बनाने के लिए करीब दो वर्ष पहले एक नई ड्रेन का निर्माण भी किया गया था। अब प्रस्तावित प्री-कास्ट ड्रेन को उस निकासी व्यवस्था से जोड़ने की योजना है। इससे पानी के बहाव के लिए एक अधिक व्यवस्थित नेटवर्क तैयार किया जा सकेगा।
NHAI की मंजूरी के बाद GMDA के सामने निर्धारित समयसीमा में निर्माण कार्य पूरा करने की जिम्मेदारी होगी। परियोजना का मुख्य उद्देश्य बारिश के दौरान Highway और सर्विस लेन पर पानी जमा होने की आशंका कम करना तथा यातायात को सुचारु बनाए रखना है।
इस मानसून में नहीं हुआ जलभराव
नरसिंहपुर में इस वर्ष मानसून के दौरान दिल्ली-जयपुर हाईवे और सर्विस लेन पर जलभराव की समस्या सामने नहीं आई थी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 8 जुलाई को 115 मिलीमीटर और 8 अगस्त को 97 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। इसके बावजूद क्षेत्र में पानी जमा होने की समस्या नहीं हुई।
इससे पहले GMDA ने Highway के नीचे ट्रेंचलेस तकनीक का इस्तेमाल करते हुए पाइपलाइन बिछाकर जलनिकासी की व्यवस्था की थी। इस तकनीक में सड़क की पूरी सतह को खोदे बिना जमीन के नीचे पाइपलाइन बिछाने का काम किया जा सकता है।
अब नई प्री-कास्ट ड्रेन के निर्माण से मौजूदा व्यवस्था को और मजबूत करने की योजना है। इसका उद्देश्य आगामी मानसून में तेज बारिश के दौरान भी पानी की निकासी को सुचारु बनाए रखना है।
मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
परियोजना से जुड़ी प्रमुख जानकारियां इस प्रकार हैं:
- परियोजना: नरसिंहपुर में जलभराव की समस्या का समाधान।
- ड्रेन की लंबाई: 900 मीटर।
- अनुमानित खर्च: 9 करोड़ रुपये से अधिक।
- निर्माण एजेंसी: GMDA।
- मंजूरी: NHAI की ओर से।
- निर्धारित लक्ष्य: मार्च 2027।
- जलनिकासी का अंतिम मार्ग: बादशाहपुर ड्रेन।

इस परियोजना के पूरा होने के बाद नरसिंहपुर के आसपास Highway और सर्विस लेन पर वर्षा जल की निकासी बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि, जलभराव से कितनी राहत मिलेगी, यह निर्माण की गुणवत्ता, मौजूदा ड्रेनेज नेटवर्क की क्षमता और तेज बारिश के दौरान पानी के वास्तविक बहाव पर निर्भर करेगा।
दिल्ली-जयपुर Highway पर जलभराव का स्थायी समाधान गुरुग्राम के वाहन चालकों के लिए महत्वपूर्ण है। यदि नई ड्रेन निर्धारित समय पर तैयार होकर मौजूदा निकासी नेटवर्क से प्रभावी ढंग से जुड़ जाती है, तो मानसून के दौरान यातायात बाधित होने की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है।
