गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो): रियल एसेट्स और प्राइवेट क्रेडिट मार्केट में निवेश प्रबंधन सेवाएं देने वाली ईएएए इंडिया अल्टरनेटिव्स लिमिटेड का EAAA India Alternatives IPO 26 अक्टूबर 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। निवेशक इस इश्यू में 28 अक्टूबर तक बोली लगा सकेंगे। कंपनी ने IPO से पहले 23 अक्टूबर को एंकर निवेशकों से 360 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इस IPO का कुल आकार 1,200 करोड़ रुपये है और इसके शेयरों की लिस्टिंग 2 नवंबर को एनएसई और बीएसई पर होने की संभावना है।
प्राइस बैंड और निवेश की न्यूनतम राशि
कंपनी ने IPO के लिए 1,585 रुपये से 1,665 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इसका लॉट साइज 9 शेयरों का है। खुदरा निवेशकों को एक लॉट के लिए ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से 14,985 रुपये लगाने होंगे। खुदरा निवेशक अधिकतम 13 लॉट यानी 117 शेयरों के लिए 1,94,805 रुपये तक की बोली लगा सकते हैं।
इस इश्यू के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 72,07,207 शेयर बिक्री के लिए पेश किए जा रहे हैं। यह 100 प्रतिशत ऑफर फॉर सेल (OFS) इश्यू है। इसमें कंपनी नए शेयर जारी नहीं कर रही है, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। इसलिए IPO से प्राप्त शुद्ध राशि कंपनी के बजाय बेचने वाले शेयरधारक एडेलवाइस सिक्योरिटीज एंड इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को मिलेगी।
निवेशकों के लिए आरक्षण और आईपीओ प्रबंधन
इश्यू में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए 50 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित है। खुदरा निवेशकों के लिए 35 प्रतिशत और नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NII) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा निर्धारित किया गया है।
IPO के बुक रनिंग लीड मैनेजर के रूप में एक्सिस कैपिटल, जेफरीज इंडिया, मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स और नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट को नियुक्त किया गया है। वहीं, एमयूएफजी इनटाइम इंडिया को इश्यू का रजिस्ट्रार बनाया गया है।
IPO का पूरा शेड्यूल
- 26 अक्टूबर 2026: IPO खुलेगा।
- 28 अक्टूबर 2026: बोली लगाने का अंतिम दिन।
- 29 अक्टूबर 2026: शेयरों का संभावित अलॉटमेंट।
- 30 अक्टूबर 2026: डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट और रिफंड प्रक्रिया की संभावित शुरुआत।
- 2 नवंबर 2026: एनएसई और बीएसई पर संभावित लिस्टिंग।
ये तारीखें प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार हैं। निवेशकों को अंतिम पुष्टि के लिए कंपनी के आधिकारिक IPO दस्तावेज देखने चाहिए।
कंपनी के मुनाफे में बढ़ोतरी
कंपनी की ओर से सेबी के पास जमा दस्तावेजों में उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में ईएएए इंडिया अल्टरनेटिव्स का शुद्ध लाभ 229.78 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 265.20 करोड़ रुपये हो गया। इस तरह सालाना आधार पर मुनाफे में लगभग 15.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी ने 80.71 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। यह आंकड़ा कंपनी के हालिया वित्तीय प्रदर्शन को समझने में महत्वपूर्ण है, हालांकि पहली तिमाही के नतीजों की तुलना पूरे वित्त वर्ष के मुनाफे से सीधे नहीं की जानी चाहिए।
राजस्व में भी दर्ज हुई वृद्धि
वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी की कुल आय 786.54 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 963.76 करोड़ रुपये हो गई, जो लगभग 22.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कंपनी ने 336.13 करोड़ रुपये की कुल आय दर्ज की।
कंपनी रियल एसेट्स और प्राइवेट क्रेडिट जैसे वैकल्पिक निवेश क्षेत्रों में फंड प्रबंधन और निवेश समाधान उपलब्ध कराती है। इसके ग्राहकों में संस्थागत निवेशक, उच्च नेटवर्थ वाले व्यक्ति और फैमिली ऑफिस शामिल हैं।
कर्ज में कमी और नेटवर्थ में सुधार
वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कंपनी पर कुल कर्ज 507.49 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में यह घटकर 441.03 करोड़ रुपये रह गया। 30 जून 2026 तक कंपनी का कुल कर्ज 399.20 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
इसी अवधि में कंपनी का नेटवर्थ 966.45 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में 1,075.54 करोड़ रुपये हो गया। जून 2026 के अंत तक यह बढ़कर 1,160.38 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी वृद्धि देखने को मिली। यह वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में 934.31 करोड़ रुपये था, जो जून 2026 तक बढ़कर 1,128.24 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी की कुल संपत्ति वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में 2,085.07 करोड़ रुपये थी, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2,170.28 करोड़ रुपये हो गई। जून 2026 के अंत में कुल संपत्ति 2,101.84 करोड़ रुपये दर्ज की गई।
निवेशकों के लिए क्या महत्वपूर्ण है
इस IPO में निवेश से पहले निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, मूल्यांकन, कारोबार से जुड़े जोखिमों और ऑफर फॉर सेल की प्रकृति को समझना चाहिए। चूंकि इस इश्यू में कोई नया शेयर जारी नहीं किया जा रहा है, इसलिए इससे जुटाई गई रकम सीधे कंपनी के कारोबार के विस्तार के लिए उपलब्ध नहीं होगी।
IPO में शेयरों का अलॉटमेंट और लिस्टिंग की तारीखें निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हो सकती हैं। निवेशकों को बोली लगाने से पहले कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP), जोखिम संबंधी खुलासे और आधिकारिक एक्सचेंज घोषणाओं की जांच करनी चाहिए। केवल कंपनी के मुनाफे या राजस्व में वृद्धि के आधार पर भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं मानी जा सकती।
