Gurugram, वायरल सच (ब्यूरो): Gurugram के सेक्टर-102 स्थित सनसिटी एवेन्यू सोसायटी में बिजली बिल विवाद को लेकर हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (CGRF) के आदेशों का पालन करने के लिए 60 दिन का अंतिम अवसर दिया है। इस मामले में सोसायटी के 761 आवासीय परिवारों की बिजली काटने की धमकी को आयोग ने अनुचित बताया है, क्योंकि विवाद बिल्डर से संबंधित व्यावसायिक बिजली खपत के बकाये को लेकर है।
आयोग ने RWA को निर्धारित घरेलू लोड के आधार पर बिजली बिल दोबारा जारी करने और पहले वसूली गई अतिरिक्त राशि लौटाने के निर्देशों का पालन करने को कहा है। निर्धारित अवधि में आदेश का पालन नहीं करने पर बिजली अधिनियम के तहत जुर्माने और अन्य कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
761 परिवारों की बिजली काटने की धमकी पर आयोग की सख्ती
Gurugram के सेक्टर-102 की सनसिटी एवेन्यू सोसायटी में बिजली बिलों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। मामले में बिल्डर से संबंधित व्यावसायिक बिजली खपत के बकाये की वसूली को लेकर नियमित रूप से बिजली बिल चुकाने वाले परिवारों की बिजली काटने की धमकी का मुद्दा भी सामने आया।
HERC ने स्पष्ट किया कि बिल्डर के व्यावसायिक बिजली बकाये की वसूली के लिए नियमित बिलों का भुगतान करने वाले 761 आवासीय परिवारों की बिजली काटने की धमकी उचित नहीं है। आयोग की टिप्पणी से स्पष्ट है कि व्यावसायिक बकाये और आवासीय उपभोक्ताओं के बिजली भुगतान के विवाद को अलग-अलग आधार पर देखा जाना चाहिए।
60 दिन में दोबारा जारी करने होंगे बिजली बिल
उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम ने 19 सितंबर 2025 को दिए गए आदेश में RWA को निर्देश दिया था कि एक अप्रैल 2025 से प्रत्येक फ्लैट का बिजली बिल 3.05 किलोवाट के निर्धारित घरेलू लोड के आधार पर दोबारा जारी किया जाए।
इसके साथ ही बिजली बिलों में शामिल पंपिंग और अन्य गैर-बिजली शुल्कों के नाम पर पहले वसूली गई राशि लौटाने के निर्देश भी दिए गए थे।
HERC के अनुसार, RWA ने इन निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं किया। इसी वजह से आयोग ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए आदेशों के अनुपालन के लिए 60 दिन का अंतिम अवसर दिया है।
अब RWA को निर्धारित अवधि के भीतर बिजली बिलों में जरूरी सुधार करने और अतिरिक्त वसूली गई राशि लौटाने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
RWA ने तकनीकी अस्पष्टता का दिया था हवाला
सुनवाई के दौरान RWA ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसे CGRF के आदेश की जानकारी देर से मिली थी। इसके अलावा छह किलोवाट के कनेक्टेड लोड को लेकर तकनीकी अस्पष्टता भी थी।
आयोग ने माना कि बिजली लोड को लेकर स्पष्टीकरण की आवश्यकता के कारण RWA की ओर से गलतफहमी हो सकती थी। हालांकि, आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी अस्पष्टता के आधार पर CGRF के आदेश की अनदेखी नहीं की जा सकती।
आयोग के अनुसार, CGRF का आदेश बाध्यकारी था। RWA ने निर्धारित समय के भीतर विद्युत लोकपाल के समक्ष अपील नहीं की और न ही आदेश पर रोक प्राप्त की। ऐसे में आदेश का पालन करना आवश्यक था।
आदेश नहीं माना तो जुर्माना और कानूनी कार्रवाई
HERC ने बिजली अधिनियम के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि आदेश का पालन नहीं करने पर धारा 142 के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, परिस्थितियों और लागू कानूनी प्रक्रिया के अनुसार धारा 146 के तहत कार्रवाई भी हो सकती है।
आयोग ने RWA को अनुपालन के लिए 60 दिन का अंतिम अवसर दिया है। अब इस अवधि में यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्धारित घरेलू लोड के अनुसार बिजली बिल दोबारा जारी हों और अतिरिक्त वसूली की वापसी से संबंधित निर्देशों का पालन किया जाए।
96.84 लाख रुपये का व्यावसायिक बिजली बकाया
इस विवाद में बिजली निगम ने बिल्डर से संबंधित व्यावसायिक बिजली खपत के लिए 96.84 लाख रुपये का अंतिम आकलन किया था। आयोग ने स्पष्ट किया कि यह बकाया बिल्डर से संबंधित व्यावसायिक लोड का है।
ऐसे बकाये की वसूली के लिए नियमित बिजली बिल भर रहे 761 आवासीय परिवारों की बिजली काटने की धमकी को उचित नहीं ठहराया जा सकता। आयोग की इस टिप्पणी से आवासीय उपभोक्ताओं और व्यावसायिक बिजली बकाये के बीच अंतर स्पष्ट हुआ है।
मुआवजे की मांग स्वीकार नहीं, याचिका भी खारिज
आयोग ने मामले में बिजली निगम, बिल्डर, कोर कंसल्टेंट कमेटी के सदस्य और एस्टेट मैनेजर के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी। वहीं, RWA पर मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के नियमों के तहत मुआवजा देने की मांग भी स्वीकार नहीं की गई।
इसलिए आयोग के आदेश को सभी पक्षों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई या मुआवजा देने के निर्देश के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। आदेश का प्रमुख प्रभाव RWA को पहले से जारी CGRF निर्देशों का पालन करने के लिए अंतिम अवसर देना है।
अब बिजली बिलों में सुधार और राशि वापसी पर नजर
सनसिटी एवेन्यू सोसायटी के इस मामले में अब RWA को 60 दिन के भीतर निर्धारित घरेलू लोड के आधार पर बिल संशोधित करने और अतिरिक्त वसूली गई राशि लौटाने से संबंधित निर्देशों का पालन करना होगा।
HERC की सख्ती से 761 आवासीय परिवारों को राहत मिली है, क्योंकि आयोग ने बिल्डर के व्यावसायिक बिजली बकाये के लिए नियमित बिजली बिल भरने वाले परिवारों की बिजली काटने की धमकी को अनुचित माना है। अब आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि RWA निर्धारित समयसीमा में आयोग के निर्देशों का कितना पालन करता है।
