झज्जर, वायरल सच (ब्यूरो): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हिसार में प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले झज्जर जिले में CJP से जुड़े तीन कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने बादली निवासी संदीप गुलिया और चंद्रमोहन को उनके घर से हिरासत में लिया। दोनों को हिरासत में लिए जाने की सूचना मिलने के बाद CJP की प्रदेश प्रवक्ता अभिता द्विजा थाने पहुंचीं। बाद में पुलिस ने अभिता को भी अपने साथ ले लिया।
जानकारी के मुताबिक, तीनों को करीब 16 घंटे तक हिरासत में रखा गया, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। मामले को लेकर CJP की ओर से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं, जबकि पुलिस ने इसे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई एहतियाती कार्रवाई बताया है।
घर से संदीप और चंद्रमोहन को हिरासत में लेने का आरोप
संदीप गुलिया की पत्नी संजू के अनुसार, बुधवार रात करीब 8 बजे पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि पुलिस संदीप को अपने साथ ले गई। इसी दौरान चंद्रमोहन को भी पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई।
चंद्रमोहन को हिरासत में लिए जाने का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में पुलिसकर्मियों और चंद्रमोहन के बीच धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है। इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें वाहन में बैठाकर अपने साथ ले जाते नजर आ रहे हैं।
हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाली पूरी घटना की स्वतंत्र रूप से पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है।
थाने पहुंचीं CJP की प्रदेश प्रवक्ता
संदीप को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिलने के बाद CJP की प्रदेश प्रवक्ता अभिता द्विजा थाने पहुंचीं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से संदीप को हिरासत में लेने की वजह पूछी और कार्रवाई से संबंधित कागजात की जानकारी मांगी।
बताया गया है कि इसी दौरान अभिता और थाना प्रभारी के बीच बातचीत के दौरान बहस हो गई। इसके बाद महिला पुलिसकर्मी अभिता को भी अपने साथ ले गईं। जानकारी के अनुसार, रात करीब साढ़े 12 बजे उन्हें महिला थाना बहादुरगढ़ ले जाया गया।
इस तरह संदीप गुलिया, चंद्रमोहन और अभिता द्विजा तीनों पुलिस हिरासत में रहे।
28 सितंबर को प्रशासन को सौंपा था ज्ञापन
इस मामले से दो दिन पहले यानी 28 सितंबर को CJP कार्यकर्ताओं ने युवाओं के रोजगार और लंबित सरकारी भर्तियों से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था।
ज्ञापन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के सामने कई मांगें रखी थीं। इनमें लंबित भर्तियों को जल्द पूरा करना, भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाना, लंबित परीक्षाओं की तारीख घोषित करना और स्वीकृत पदों को फ्रीज किए जाने से जुड़े मुद्दे शामिल थे।
CJP कार्यकर्ताओं का कहना था कि युवाओं से जुड़े रोजगार और भर्ती संबंधी मामलों को जल्द आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने जारी किया वीडियो
कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर सांगवान ने इस मामले को लेकर वीडियो जारी किया। वीडियो के माध्यम से उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का आधार स्पष्ट करने और हिरासत से संबंधित आदेश या दस्तावेज की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की।
सांगवान ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों से इसका आधार स्पष्ट करने की मांग की।
पुलिस ने बताई एहतियाती कार्रवाई
वहीं, पुलिस की ओर से बताया गया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित न हो और किसी तरह का माहौल न बिगड़े, इसी को ध्यान में रखते हुए संबंधित कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में लिया गया था।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान किसी संभावित स्थिति को रोकने के लिए की गई थी।
करीब 16 घंटे बाद तीनों को छोड़ा
मामले में करीब 16 घंटे तक हिरासत में रखे जाने के बाद संदीप गुलिया, चंद्रमोहन और अभिता द्विजा को छोड़ दिया गया। इसके बाद CJP की ओर से पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
फिलहाल मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग बातें सामने आई हैं। CJP कार्यकर्ता हिरासत की कार्रवाई और उसके आधार से संबंधित जानकारी मांग रहे हैं, जबकि पुलिस इसे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई एहतियाती कार्रवाई बता रही है।
