सत्य निकेतन भवन हादसा: दक्षिण जोन उपायुक्त समेत दिल्ली नगर निगम के पांच अधिकारी निलंबित
नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस स्थित सत्य निकेतन कॉलोनी में भवन गिरने की घटना को लेकर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को दक्षिण क्षेत्र के उपायुक्त समेत पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। रविवार को हुए इस हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने फिर किया घटनास्थल का दौरा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को एक बार फिर घटनास्थल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बचाव, राहत और सुरक्षा कार्रवाई की विस्तृत जानकारी ली।
घटनास्थल के निरीक्षण और प्रारंभिक आकलन के आधार पर मुख्यमंत्री ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने क्षेत्रों में निर्माणाधीन अवैध निर्माणों पर नजर रखें और ऐसी गतिविधियों की शिकायत संबंधित विभाग को करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
लापरवाही सामने आने पर और अधिकारियों पर होगा एक्शन
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भवनों और निर्माण कार्यों से जुड़ी ऐसी किसी भी स्थिति को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा, जिससे लोगों की सुरक्षा प्रभावित होती हो।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और यदि इसमें अन्य अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
PG, स्कूल और नर्सिंग होम का होगा संरचनात्मक ऑडिट
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार, एमसीडी के साथ मिलकर ऐसी नीति तैयार करने की दिशा में काम कर रही है, जिसके तहत पीजी, नर्सिंग होम, स्कूल या अन्य सार्वजनिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने वाली प्रत्येक इमारत का समय-समय पर संरचनात्मक ऑडिट और भवन सुरक्षा प्रमाणन अनिवार्य किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भवन की सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना किसी भी इमारत में सार्वजनिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अवैध निर्माणों की शिकायत करने की अपील
मुख्यमंत्री ने दिल्ली के सांसदों, विधायकों और पार्षदों से अपने-अपने क्षेत्रों में हो रहे अवैध निर्माणों की जानकारी जुटाकर संबंधित विभाग को शिकायत भेजने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे अवैध निर्माणों को तोड़ा जाएगा।
निर्माणाधीन अवैध निर्माणों पर निगरानी रखने के लिए एक सिस्टम विकसित किया जाएगा। ऐसी शिकायतों की निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी की जाएगी।
संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कार्रवाई केवल हादसे वाले स्थान तक सीमित न रहे, बल्कि आसपास के संवेदनशील भवनों और पीजी की भी गहन जांच की जाए।
बेसमेंट में पानी भरने से कमजोर हुए पिलर
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि पुरानी इमारत के बेसमेंट में पानी भरने के कारण उसके पिलर कमजोर हो गए, जिसके बाद पूरी इमारत ढह गई।
उन्होंने कहा कि इस गंभीर घटना के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसकी जवाबदेही तय की जाएगी और उसके खिलाफ कानून के कठोरतम प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी। अधिकारियों को तत्काल और व्यापक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
प्रभावित छात्रों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया
मुख्यमंत्री ने बताया कि हादसे से प्रभावित छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर अन्य कॉलेजों के छात्रावासों में ठहराया गया है। सरकार उनकी आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रख रही है।
हादसे में घायल छात्रों के परिजनों से भी सरकार लगातार संपर्क में है और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि दिल्लीवासियों की जान-माल की सुरक्षा दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

