नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित वृहद आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर तीसरे दौर की वार्ता 10 जुलाई को ओटावा में सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। दोनों देशों ने 2026 के भीतर समझौते पर बातचीत पूरी करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
वाणिज्य विभाग ने बताया कि 6 से 10 जुलाई तक चली पांच दिवसीय वार्ता के दौरान माल एवं सेवाओं का व्यापार, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR), मूल स्थान के नियम (Rules of Origin), स्वच्छता एवं पादप-स्वच्छता उपाय (SPS) तथा व्यापार में तकनीकी बाधाओं (TBT) सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक प्रगति हुई।
यह वार्ता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत और कनाडा ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का साझा लक्ष्य तय किया है।
हालांकि, वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 8.22 प्रतिशत घटकर 7.95 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 8.66 अरब अमेरिकी डॉलर था। इस अवधि में भारत का कनाडा को निर्यात 4.67 अरब डॉलर और कनाडा से आयात 3.28 अरब डॉलर दर्ज किया गया।
भारत से कनाडा को मुख्य रूप से दवाइयां, लौह एवं इस्पात, समुद्री उत्पाद, सूती परिधान, इलेक्ट्रॉनिक सामान और रसायनों का निर्यात किया जाता है। वहीं, कनाडा से भारत दालें, मोती एवं अर्द्ध-कीमती पत्थर, कोयला, उर्वरक, कागज और कच्चे पेट्रोलियम का आयात करता है।
प्रमुख बिंदु
- भारत-कनाडा CEPA वार्ता का तीसरा दौर ओटावा में संपन्न।
- 2026 तक मुक्त व्यापार समझौता (FTA/CEPA) पूरा करने का लक्ष्य।
- 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने की योजना।
- 2025-26 में भारत-कनाडा व्यापार 7.95 अरब डॉलर रहा।
- वार्ता में व्यापार, सेवाएं, IPR, SPS और TBT जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई।