कोलकाता, वायरल सच (ब्यूरो) : तृणमूल भर्ती घोटाला चिट्ठी को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मच गई है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता डॉ. सुकांत मजूमदार ने एक कथित गोपनीय चिट्ठी को सार्वजनिक कर तृणमूल कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने इस तृणमूल भर्ती घोटाला चिट्ठी को भ्रष्टाचार का पुख्ता सबूत बताते हुए राज्य सरकार से 24 घंटे में इसकी सत्यता सामने लाने की मांग की है।
डॉ. सुकांत मजूमदार ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से 24 घंटे के भीतर इस चिट्ठी की सत्यता की जांच कर उसके नतीजों को जनता के सामने लाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले की जांच कर सही तथ्य सार्वजनिक नहीं किए गए तो भाजपा कानूनी कार्रवाई के लिए मजबूर होगी।
‘गोपनीय चिट्ठी’ में क्या है?
डॉ. सुकांत मजूमदार ने सोशल मीडिया पर साझा की गई इस चिट्ठी के बारे में बताया कि यह पत्र पश्चिम बंगाल विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के स्टेशन मैनेजर ने लिखा है और इसे तृणमूल नेता मफेज बाबु को भेजा गया था। मफेज बाबु तृणमूल कांग्रेस के दक्षिण दिनाजपुर जिला महासचिव और पूर्व जिला परिषद के पूर्ण कार्याध्यक्षा हैं।
चिट्ठी में स्टेशन मैनेजर ने खुलासा किया है कि तृणमूल नेताओं के निर्देश पर भर्ती के नाम पर छह लाख 52 हजार रुपये नकद लिए गए हैं। इसके अलावा, चिट्ठी में यह भी उल्लेख है कि तृणमूल विधायक तोराफ़ हुसैन मंडल और मफेज बाबु के दबाव में भाजपा के एक सक्रिय मंडल अध्यक्ष के खिलाफ झूठा बिजली चोरी का मामला दर्ज किया गया। इस झूठे आरोप के तहत 2.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया और बिजली कनेक्शन काट दिया गया। हालांकि, संबंधित भाजपा नेता ने कोर्ट से आदेश प्राप्त कर बिजली कनेक्शन बहाल करवाया है।
भाजपा नेता ने बताया यह एक बड़ी साजिश
डॉ. सुकांत मजूमदार ने कहा है कि यह चिट्ठी केवल भ्रष्टाचार का प्रमाण नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि कैसे तृणमूल सरकार अपने राजनीतिक विरोधियों विशेषकर भाजपा कार्यकर्ताओं पर सरकारी दमन और प्रतिशोध की कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने कहा, “तृणमूल कांग्रेस सिर्फ अपने फायदे के लिए मेधावी युवाओं और निष्पक्ष उम्मीदवारों को धोखा दे रही है। भर्ती प्रक्रिया में घोटाला करके भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। यह अत्यंत दुखद और अस्वीकार्य है।”
24 घंटे में जांच की मांग, कानूनी कदम की चेतावनी
डॉ. सुकांत ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के मुख्य सचिव को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि वे 24 घंटे के भीतर इस चिट्ठी की जांच कर पूरी सच्चाई जनता के सामने लाएं। उन्होंने सवाल उठाया कि कैसे एक स्थानीय तृणमूल नेता और विधायक के आदेश पर विपक्षी पार्टी के नेताओं पर झूठे केस दर्ज किए जा रहे हैं और किस तरह पैसे लेकर भर्तियां की जा रही हैं।
उन्होंने चेतावनी दी, “अगर सरकार इस मामले की जांच नहीं करती है तो भाजपा इस घोटाले को उजागर करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए कोर्ट और अन्य कानूनी मंचों का सहारा लेगी।”
राजनीतिक पृष्ठभूमि और आगामी विवाद
पश्चिम बंगाल में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है। चुनावों के नजदीक आते ही दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार, दमन और साजिश के आरोप लगाती आ रही हैं। तृणमूल की भर्ती प्रक्रिया में घोटालों की चर्चाएं पहले भी सामने आई हैं, लेकिन यह चिट्ठी एक नया विवाद खड़ा कर सकती है।
इस मामले में तृणमूल कांग्रेस की प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है, लेकिन इस सार्वजनिक आरोप से बंगाल की राजनीति में और भी तीव्र बहस की उम्मीद है।
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