वित्त मंत्रालय ने जन धन खाते बंद करने की खबरों को बताया निराधार

नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो) : जन धन खाते बंद करने की खबर पर केंद्र सरकार ने सफाई दी है। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना (PMJDY) के तहत निष्क्रिय खातों को बंद करने के कोई निर्देश बैंकों को नहीं दिए गए हैं।

पिछले कुछ दिनों से कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि सरकार निष्क्रिय जन धन खातों को बंद करवाना चाहती है। हालांकि, मंगलवार को वित्तीय सेवा विभाग (DFS) ने यह बयान जारी करके सभी अटकलों को गलत बताया। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ऐसी खबरें जन धन खाते बंद करने की खबर को गलत रूप से फैला रही हैं।

मंत्रालय की ओर से आज यह बयान उन खबरों के बीच आया है, जिनमें दावा किया गया है कि सरकार ने बैंकों से निष्क्रिय जनधन खातों को बंद करने को कहा है। ऐसी रिपोर्टों को गलत बताते हुए डीएफएस ने दोहराया कि ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया गया है। मंत्रालय का कहना है कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना खातों, जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं को अपनाने के लिए डीएफएस ने 1 जुलाई से पूरे देश में तीन महीने का अभियान शुरू किया है। इस अभियान के दौरान बैंक सभी बकाया खातों का पुनः केवाईसी भी करेंगे।

वित्त मंत्रालय ने बताया कि डीएफएस लगातार निष्क्रिय पीएमजेडीवाई खातों की संख्या पर नजर रखता है। बैंकों को सलाह दी गई है कि वे संबंधित खाताधारकों से संपर्क करके उनके खातों को चालू करें। पीएमजेडीवाई खातों की कुल संख्या लगातार बढ़ रही है और निष्क्रिय खातों को सामूहिक रूप से बंद करने की कोई घटना विभाग के संज्ञान में नहीं आई है।

सरकार की यह पहल स्पष्ट करती है कि उसका लक्ष्य वित्तीय समावेशन को और मजबूत करना है, न कि लोगों को बैंकिंग सेवाओं से बाहर करना। ऐसे में जन धन खाते बंद करने की खबर महज एक अफवाह साबित हुई है।

इस तरह की गलत सूचनाओं से बचना बेहद जरूरी है, खासकर तब जब वे गरीब, ग्रामीण या असाक्षर वर्ग को भ्रमित कर सकती हैं। DFS द्वारा चलाया गया अभियान इस बात का प्रमाण है कि सरकार जनहित योजनाओं को और अधिक लोगों तक पहुंचाना चाहती है।

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