काठमांडू, वायरल सच (ब्यूरो) : नेपाल के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला हफ्ता भारतीय श्रद्धालुओं के लिए बहुत ही खास रहा। कोरोना महामारी के बाद करीब पांच सालों के लंबे इंतजार के बाद, अब नेपाल-चीन सीमा से कैलाश मानसरोवर की यात्रा फिर से शुरू हुई है। पहले हफ्ते में ही लगभग 546 श्रद्धालु पवित्र कैलाश मानसरोवर के दर्शन करके वापस आ चुके हैं। इस पुनः शुरू हुई यात्रा को लेकर भारतीय श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह देखा जा रहा है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा की शुरुआत
इस वर्ष जुलाई से अक्टूबर तक चीन सरकार ने भारतीय श्रद्धालुओं को कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए अनुमति दी है। चीन प्रशासन ने विशेष रूप से भारतीय श्रद्धालुओं के लिए सीमा को खोला है। यह यात्रा नेपाल के हिलसा और सिमकोट के रास्ते से कैलाश मानसरोवर तक जाती है। महामारी के बाद, यह यात्रा सुचारू रूप से फिर से शुरू होने से श्रद्धालुओं का उत्साह दोगुना हो गया है।
यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या
नेपाल के पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पहले हफ्ते में 546 भारतीय श्रद्धालुओं ने कैलाश मानसरोवर के दर्शन किए हैं। इनमें से 248 महिलाएं और 298 पुरुष श्रद्धालु शामिल हैं। इस यात्रा में मुख्य रूप से भारतीय श्रद्धालु नेपाल के सिमकोट विमानस्थल से हिलसा तक पहुंचने के लिए विभिन्न घरेलू विमान कंपनियों का उपयोग कर रहे हैं।
नेपालगंज से सिमकोट होते हुए हिलसा तक जाने के लिए मौसम अनुकूल होने पर एक दिन में एक दर्जन से अधिक उड़ानें संचालित हो रही हैं।
हेलीकॉप्टर सेवाएं और सड़क मार्ग से यात्रा
इसके अलावा, लगभग 289 श्रद्धालु हेलीकॉप्टर से भी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए हैं। इसके साथ ही सैकड़ों श्रद्धालु सड़क मार्ग से भी इस यात्रा पर जा रहे हैं। एक जुलाई को नेपालगंज से सिमकोट जाने वाले विमान से 103 श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए थे।
नेपाल की प्रमुख विमान कंपनियों जैसे समिट एयर, सीता एयर और तारा एयर सिमकोट तक की उड़ानें प्रदान कर रही हैं। वहीं, सिमकोट से हिलसा तक हेलीकॉप्टर सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों में कैलाश हेली सेवा, माउंटेन हेली और प्रभु एयरलाइंस शामिल हैं।
यात्रा का महत्व
कैलाश मानसरोवर यात्रा को धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। हिंदू धर्म में कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है। श्रद्धालु यहां अपने पापों का प्रायश्चित करने और मोक्ष की प्राप्ति के लिए यात्रा करते हैं। इस यात्रा का आयोजन प्रत्येक वर्ष होता है, लेकिन पिछले 5 सालों से इसे कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दिया गया था। अब इसे फिर से शुरू किए जाने से श्रद्धालुओं में इस यात्रा को लेकर गहरी आस्था और उत्साह देखा जा रहा है।
समापन
कैलाश मानसरोवर की यात्रा शुरू होने से भारतीय श्रद्धालुओं को एक बार फिर इस पवित्र स्थल के दर्शन करने का मौका मिला है। सरकार की ओर से जो सुविधाएं दी गई हैं, उससे यह यात्रा न केवल आसान बनी है, बल्कि श्रद्धालुओं को भी एक सुरक्षा और बेहतर अनुभव मिल रहा है। आने वाले महीनों में यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि जुलाई से अक्टूबर तक यह यात्रा जारी रहेगी।
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