IESO 2026 में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 9 पदकों के साथ रचा नया कीर्तिमान

नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): भारत ने 19वें इंटरनेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड (IESO) 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। भारतीय छात्र दल ने प्रतियोगिता में कुल 9 पदक अपने नाम किए, जिसमें 4 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल हैं। यह IESO में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को पृथ्वी भवन में IESO के विजेता भारतीय छात्रों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने छात्रों, उनके अभिभावकों और स्कूलों को इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी।

ट्यूरिन में हुआ IESO 2026 का आयोजन

19वें इंटरनेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड का आयोजन 20 से 27 अगस्त 2026 तक इटली के ट्यूरिन में किया गया। इसमें 39 देशों के छात्रों ने हिस्सा लिया। भारतीय विद्यार्थियों ने लिखित और प्रायोगिक परीक्षाओं के साथ-साथ इंटरनेशनल टीम फील्ड इन्वेस्टिगेशन और अर्थ साइंस प्रोजेक्ट में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

सौमिक मंडल का शानदार प्रदर्शन, 39 देशों में तीसरा स्थान

भारतीय दल में सबसे शानदार प्रदर्शन दुर्गापुर के डीएवी मॉडल स्कूल के छात्र सौमिक मंडल का रहा। उन्होंने 2 स्वर्ण और 1 रजत पदक हासिल किया और 39 देशों के प्रतिभागियों में तीसरा स्थान प्राप्त किया।

खड़गपुर के डीएवी मॉडल स्कूल और आईआईटी-केजीपी से जुड़े एरॉन मैती ने 1 स्वर्ण और 1 कांस्य पदक जीता। पटना के ज्ञान अस्थली इंटरनेशनल स्कूल की रिद्धि रंजन ने 1 स्वर्ण और 1 रजत पदक हासिल किया। वहीं जेएनवी के मो. एहतशाम रिज़वी ने 1 रजत और 1 कांस्य पदक अपने नाम किया।

17,800 विद्यार्थियों से शुरू हुई चयन प्रक्रिया

भारत की इस उपलब्धि के पीछे व्यापक राष्ट्रीय चयन और प्रशिक्षण प्रक्रिया रही। देशभर से करीब 17,800 विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय चयन परीक्षा में हिस्सा लिया। यह परीक्षा लगभग 500 केंद्रों पर आयोजित की गई।

इसके बाद चयनित शीर्ष 25 विद्यार्थियों को जून 2026 में गुजरात के वडोदरा स्थित एमएस विश्वविद्यालय में तीन सप्ताह का गहन प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के बाद भारतीय दल का चयन किया गया, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया।

वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा दे रही सरकार: जितेंद्र सिंह

इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार युवाओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करने और उन्हें अनुसंधान के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से छात्र-केंद्रित कार्यक्रमों को लगातार बढ़ावा दे रही है।

उन्होंने कहा कि IESO के साथ डीप ओशन मिशन, मिशन मौसम और पृथ्वी जैसी पहलें भी देश में वैज्ञानिक जागरूकता बढ़ाने और भविष्य के वैज्ञानिक तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

IESO में भारत की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि

9 पदकों के साथ भारत का यह प्रदर्शन IESO के इतिहास में देश की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। भारतीय छात्रों की इस सफलता ने न केवल अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का गौरव बढ़ाया है, बल्कि पृथ्वी विज्ञान के क्षेत्र में युवाओं की बढ़ती रुचि और वैज्ञानिक प्रतिभा को भी सामने रखा है।

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