अस्पताल की बेड क्षमता 600 से बढ़कर 1100 होगी
– एमबीबीएस सीटें 120 से बढ़ाकर 250 करने का प्रस्ताव
– ट्रॉमा सेंटर, बर्न यूनिट, आईसीयू, आईसीसीयू समेत सुपर-स्पेशियलिटी सेवाएं होंगी उपलब्ध
चंडीगढ़, वायरल सच (ब्यूरो): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेशवासियों को बेहतर, आधुनिक और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधाएं उनके नजदीक उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री बुधवार को सचिवालय में स्टेट फाइनेंस कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में करनाल स्थित कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के फेज-II विस्तार को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री आरती राव भी मौजूद रहीं।
फेज-II के तहत अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं और क्षमता में बड़े स्तर पर विस्तार किया जाएगा। वर्तमान में अस्पताल में करीब 600 बेड हैं और हर वर्ष 120 एमबीबीएस विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाता है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में 64 पीजी सीटें हैं।
फेज-II विस्तार के लिए 404.95 करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत ट्रॉमा सेंटर, बर्न यूनिट एवं बर्न वार्ड, आईसीयू, आईसीसीयू, जनरल मेडिसिन, नेफ्रोलॉजी, न्यूरो सर्जरी और मनोरोग विभाग से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही हेलिपैड तथा अन्य जरूरी सहयोगी एवं सहायक सुविधाओं का भी प्रावधान किया जाएगा।
प्रस्तावित विस्तार के तहत अस्पताल में करीब 505 नए बेड जोड़े जाएंगे। इससे अस्पताल की कुल बेड क्षमता 600 से बढ़कर लगभग 1100 बेड हो जाएगी। इससे गंभीर बीमारियों, दुर्घटनाओं और अन्य जटिल मामलों के मरीजों को बेहतर उपचार की सुविधा मिल सकेगी तथा क्षेत्र में विशेषज्ञ एवं सुपर-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी।
अधिकारियों ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस दाखिला क्षमता 120 से बढ़ाकर 250 सीट करने का भी प्रस्ताव है। इससे मेडिकल शिक्षा और डॉक्टरों की ट्रेनिंग के लिए संस्थान की क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
फेज-II के तहत कुछ निर्माण कार्य पहले ही शुरू किए जा चुके हैं। हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा 169.58 करोड़ रुपये की लागत से अतिरिक्त हॉस्टल और आवासीय सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, अस्पताल परिसर के फेज-II विस्तार का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
फेज-II विस्तार से कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के साथ भविष्य में शैक्षणिक, क्लीनिकल और सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचा भी तैयार होगा। इससे संस्थान को व्यापक तृतीयक चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने वाले प्रमुख संस्थान के रूप में और मजबूत किया जा सकेगा।

