फरीदाबाद, वायरल सच (ब्यूरो): पार्ट-टाइम नौकरी और ऑनलाइन कमाई का झांसा देकर प्री-पेड टास्क के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के छह आरोपियों को साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पृथ्वी (24), ओम सोनी (25), अंशुमन सैनी (21), कृष्णा पाण्डेय (22), विनय सिंह (20) और आशु (20) के रूप में हुई है। सभी आरोपी ग्वालियर, मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी पृथ्वी के बैंक खाते में ठगी की रकम की पहली लेयर के रूप में 50 हजार रुपये पहुंचे थे।
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-77 निवासी एक व्यक्ति को व्हाट्सऐप पर अंजान नंबर से एक लिंक भेजकर पार्ट-टाइम नौकरी का झांसा दिया गया। पीड़ित को बताया गया कि वह गूगल मैप्स पर अलग-अलग स्थानों की रेटिंग और कमेंट करके घर बैठे पैसे कमा सकता है। लिंक पर क्लिक करने के बाद उसे एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया गया।
टेलीग्राम ग्रुप में साइबर ठगों ने प्री-पेड टास्क पूरा करने के नाम पर अलग-अलग रकम जमा कराने को कहा। शुरुआत में छोटे टास्क और निवेश के जरिए पीड़ित का विश्वास जीता गया। इसके बाद ज्यादा मुनाफे का लालच देकर उससे लगातार अलग-अलग ट्रांजेक्शन करवाए गए।
पीड़ित ने जून और जुलाई 2025 के दौरान आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में कुल 9 लाख 34 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। रकम जमा करने के बाद जब पीड़ित ने अपना पैसा वापस लेने का प्रयास किया तो उसे कोई रकम वापस नहीं मिली। इसके बाद उसे साइबर ठगी का पता चला और उसने साइबर थाना सेंट्रल में शिकायत दर्ज कराई।
जांच में पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम को कई बैंक खातों के माध्यम से आगे ट्रांसफर किया गया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पृथ्वी खाताधारक है और उसने अपना बैंक खाता ओम सोनी को उपलब्ध कराया। ओम सोनी ने यह खाता अंशुमन सैनी को, अंशुमन ने कृष्णा पाण्डेय को, कृष्णा ने विनय सिंह को और विनय सिंह ने आशु को उपलब्ध कराया। इसके बाद आशु ने बैंक खाता साइबर ठगों तक पहुंचाया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी पृथ्वी के बैंक खाते में ठगी की रकम की पहली लेयर के तौर पर 50 हजार रुपये आए थे। इसके बाद रकम को दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सभी छह आरोपी 12वीं पास हैं और ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने अपने बैंक खातों को साइबर ठगों तक पहुंचाने का काम किया। पुलिस ने तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं और उनकी जांच की जा रही है।
